ब्यूरो अब्दुल हमीद
रायबरेली, 24 अगस्त 2026
मा0 मुख्यमंत्री उ0प्र0 योगी आदित्यनाथ ने 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम के अमर नायक अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह की 222 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित भाव समर्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग कर समारोह स्थल पर लगाई गई संस्कृति विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 
इसके पश्चात उन्होंने अवध केसरी स्मारिका का विमोचन, डाक विभाग की ओर से तैयार किये विशेष आवरण का भी विमोचन किया। तत्पश्चात उ0प्र0 संस्कृति विभाग द्वारा लगभग 21 करोड़ रूपये की लागत के नवनिर्मित अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह स्मृति सभागार कर बटन दबाकर लोकार्पण किया।
कार्यक्रम राना बेनी माधव बख्श सिंह की जीवन यात्रा और उनके शौर्य एवं प्रराक्रम पर आधारित फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों को शॉल एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया, जिसमें सुमन यादव, ललिता देवी, कृष्णावती, ज्ञानवती देवी शामिल रही।
इसके पश्चात राना बेनी माधव बख्श सिंह जी की मुर्ति स्थल (नेहरू नगर क्रासिंग) में आवास विकास विभाग द्वारा कराये गये सौदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण कर प्रतिमा पर पुष्पाजलि अर्पित कर नमन किया। 
मा0 मुख्यमंत्री जी ने राना बेनी माधव बक्श सिंह स्मृति सभागार का लोर्कापण के अवसर पर अपने उद्बोधन में कहा कि यह सभागार जहां जनपदवसियों के काम आएगा तो वहीं हमेशा के लिए राना साहेब का नाम भी अमर रहेगा। यहां पर आने वाला हर व्यक्ति हमेशा ही एक उज्ज्वल नक्षत्र के रूप में अवध क्षेत्र में अवध केसरी के नाम विख्यात राना बेनी माधव सिंह को याद करेगा।
उन्होंने कहा कि अमर सेनानियों को याद करते हुए कहा कि बैरकपुर से मंगल पाण्डेय के नेतृत्व में धधकी स्वतंत्रता संग्राम की चिंगारी ने 1857 में विकराल रूप लिया और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में नेतृत्वकर्ताओं के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन हुआ था। 1857 की क्रांति मेरठ क्षेत्र में धवन सिंह गुर्जर, बुंदेलखण्ड में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के पराक्रम को परिभाषित करते हुए उन्होंने खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी कविता की पंक्तियां भी मंच से कहीं। इसके बाद वह यही नहीं रूके उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि कानपुर में नाना साहेब ने नेतृत्व किया था। ठीक वैसे ही अवध क्षेत्र में हजारों सैनिकों के साथ में राना बेनी माधव बख्श सिंह ने 18 महीने तक संघर्ष किया। राना बेनी माधव बख्श सिंह के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वालों में राजा चंद्रिका बख्श सिंह, लालचंद्र स्वर्णकार और सेनापति वीरा पासी के अमूल्य योगदान को कैसे भूलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भव्य सभागार में द्वितीय चरण के कार्य में इस बात का अवश्य ही ध्यान रखा जाएं कि उनके साथ में कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले वीरों की मूर्तियां इसी प्रांगण में स्थापित की जाएं ताकि यहां पर आने के बाद लोग उनका स्मरण कर प्रेरणा ले सकें।
मा0 मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की आजादी में राना बेनी माधव बक्श सिंह जैसे हजारों शहीदों वीरों का नाम रहा है। उन्होंने कहा कि अगर देश के लिए उन्होंने अपने प्राणों की आहूति नहीं दी होती तो यहां पर आज सभागार न बन पाता। शहीदों को याद रखना हम लोगों की बड़ी ही जिम्मेदारी है, वे हमारी धरोहर है। जब हम एक होकर आगे बढाएंगे तभी देश की स्वीधनता बनी रहेगी। मा० मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीद सैनिकों की वीरांगना सुमन यादव, कृष्णावती, ललिता देवी व ज्ञानवती को स्मृति चिन्ह् देकर अपने हाथों से सम्मानित किया।
मा0 मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग जयवीर सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज जनपद रायबरेली को बड़ी सौगात मिली है। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी का प्रदेष की दशा और दिशा बदलने का संकल्प आज धरातल पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी जनपद की पश्चात उसके वर्तमान से नहीं बल्कि उसके इतिहास और संस्कृत से होती है। जनपद रायबरेली में पर्यटन की असीम संभावनाएं हैं और ऐतिहासिक क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण स्थल है। जिले का इतिहास सिर्फ किताबों तक ही सीमित न रहे बल्कि आने वाली पीडियां भी इसको जान सके।
प्रभारी मंत्री/मा0 मंत्री, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग राकेश सचान ने कहा कि रायबरेली का संस्कृत व इतिहास से जुड़ा नाम रहा है। उन्होंने कहा कि अवध केसरी राना बेनी माधव बख्श सिंह ने 18 महीने तक संघर्ष करके अंग्रेजों से लोहा लिया था। अवध क्षेत्र में राना बेनी माधव बख्श सिंह की बड़ी उपलब्धि रही है और उनका बड़ा नाम है। उनकी स्मृति में नवनिर्मित सभागार का आज मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा लोकार्पण कर रायबरेली की जनता को सौगाद की गई है।
मा0 विधायक सदर अदिति सिंह ने कहा कि राना बेनी माधव बख्श सिंह वे हमारे पूर्वज रहे हैं। पूर्वजों का आत्मसम्मान करना ही हम लोगों के लिए स्वाभिमान है। राना साहेब की यादों को संजोए रखने के लिए तैयार कराया सभागार जनपद वासियों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा। 
कार्यक्रम का संचालन अर्चना सतीश ने किया।
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