जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देशानुसार अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ’’जनपद स्तरीय खाद्य सुरक्षा सलाहकार समिति’’ की बैठक सम्पन्न हुई। 
बैठक में सहायक आयुक्त (खाद्य) मानिक चन्द्र सिंह द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 में किये गये कार्याें की जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की गयी। विभाग द्वारा विगत वर्ष 2058 निरीक्षण, 395 छापेमारी कर कुल 517 नमूनें संग्रहीत किये गये जिनमें से 419 नमूनों की जाॅच रिपोर्ट प्राप्त हुई जिनमें से 210 अधोमानक 42 असुरक्षित एवं 04 नियमों के उल्लघंन के मामले पाये गये। विगत वर्ष कुल 174 वाद मा0 न्याय निर्णयन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी प्रशासन के न्यायालय में एवं 19 वाद न्यायिक न्यायालय में दायर किये गये। इस दौरान मा0 न्याय निर्णयन अधिकारी/अपर जिलाधिकारी प्रशासन न्यायालय में कुल 35 वाद निर्णित हुये जिसमें कुल रु० 1433000/- का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया एवं मा0 न्यायिक न्यायालय में 01 वाद निर्णित हुआ जिसमें रु० 100000/-का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया एवं TRC की सजा सुनाई गयी। 
वित्तीय वर्ष 2025-26 मे 50 प्रतिष्ठानों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अन्तर्गत हाइजीन रेटिंग का प्रमाण पत्र प्राप्त हुआ, वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला कारागार, पुलिस लाइन, फिरोज गांधी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, NIFT, NTPC को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अन्तर्गत ईट राइट कैम्पस के रुप में प्रमाणित कराया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फास्टैक के 08 प्रशिक्षण सत्र आयोजित कराये गये जिसमें 800 खाद्य कारोबारकर्ताओं को खाद्य सुपरवाइजर की ट्रेनिंग देकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कराया गया।
वित्तीय वर्ष 2025-26 मे नवीन मण्डी स्थल लालगंज को क्लीन एण्ड फ्रेश फ्रूट एण्ड वेजिटेबल मार्केट के रुप में प्रमाणित कराया गया। इसी दौरान जनपद के अभयदाता मंदिर दूरभाष नगर, रायबरेली एवं आदि शक्ति माॅ संकठा, गेगासों तहसील-लालगंज रायबरेली को Places of Worship के रुप में प्रमाणित कराया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 मे जागरुकता कार्यक्रम के अन्तर्गत 38 स्थानों पर कैम्प आयोजित कर 1435 आम जनमानस एवं विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरुक किया गया।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 438 निरीक्षण किये गये, 58 छापे डालकर कुल 91 नमूनें संग्रहीत किये गये। जिनमें से 40 जाॅच रिपोर्ट प्राप्त हुई है जिसमें कुल 17 नमूनें अवमानक एवं 05 नमूनें असुरक्षित पाये गये। उक्त मानक के अनुरुप न पाये गये नमूनों से सम्बन्धित खाद्य कारोबारकर्ताओं के विरुद्ध वाद दायर प्रक्रियाधीन है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि आबकारी विभाग, उद्यान विभाग, बाल विकास पुष्टाहार विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग से सम्बन्धित सभी प्रतिष्ठानों को विभागीय समन्यवय स्थापित करते हुये भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अन्तर्गत लाइसेंस/ पंजीकरण से आच्छादित किया जाना सुनिश्चित किया जायें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी विद्यालयों में संचालित किये जाने वाले मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) को खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अन्तर्गत पंजीकरण से आच्छादित किया जायें।
अपर जिलाधिकारी द्वारा उपायुक्त स्वतः रोजगार को निर्देशित किया गया कि स्वयं सहायता समूह के ऐसे प्रतिष्ठान जो खाद्य कारोबार संचालित करते है, को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के अन्तर्गत लाइसेंस/पंजीकरण से आच्छादित किया जाये।
बैठक में अपर जिलाधिकारी द्वारा यह निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित सम्प्रेक्षण गृहों का नियमित निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरुक किया जायें। समस्त सरकारी कार्यालयों में संचालित कैन्टीनों का भी नियमित निरीक्षण किया जायें। आगामी त्योहारों के दृष्टिगत निर्देशित किया गया कि जनपद के समस्त खाद्य प्रतिष्ठानों पर खाद्य लाइसेंस एवं रेट लिस्ट सहज दृश्य स्थल पर प्रदर्शित किया जायें तथा कांवड़ मार्ग के सभी मांस प्रतिष्ठानों का संचालन बंद कराया जाये।
बैठक में जिला विकास अधिकारी वर्षा सिंह, जिला आबकारी अधिकारी दिनेश कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, जिला उद्यान अधिकारी जयराम वर्मा, उपायुक्त राज्य कर परमहंश श्रीवास्तव, उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्या, नगर पालिका परिषद के प्रतिनिधि, उद्योग व्यापार मण्डल के प्रतिनिधि, मेडिकल एसोशियेशन के अध्यक्ष एवं खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारी सम्मिलित रहें।
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