रायबरेली शहर में नगर पालिका के कामकाज को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। शहरवासियों का कहना है कि हर साल करोड़ों रुपये का बजट पास होने के बावजूद कई वार्डों में सड़क, सफाई, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत समस्याएँ अब भी बनी हुई हैं।
हाल ही में नगर पालिका परिषद का लगभग 210 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ, जिसमें शहर के विकास कार्यों पर बड़ा खर्च दिखाया गया है। (amarujala.com) लेकिन कई स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर जमीन पर विकास कितना दिखाई दे रहा है।
शहर के कई इलाकों में लोगों ने टूटी सड़कों, जलभराव, बंद नालियों और खराब सफाई व्यवस्था की शिकायत की है। कुछ वार्डों में स्ट्रीट लाइट खराब होने से रात में अंधेरा रहने की बात भी सामने आ रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि:
“अगर नगर पालिका को करोड़ों का बजट मिल रहा है तो हर वार्ड में बराबर विकास दिखना चाहिए।”
वहीं नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं और कई नई परियोजनाएँ भी प्रस्तावित हैं।
अब जनता के बीच सबसे बड़ा सवाल यह बनता जा रहा है:
- कितना बजट आया?
- किस वार्ड में कितना खर्च हुआ?
- कौन से काम पूरे हुए?
- कौन से काम अब भी अधूरे हैं?
शहर में पारदर्शिता की मांग भी बढ़ रही है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका को वार्डवार खर्च और विकास कार्यों का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करना चाहिए ताकि जनता को सही जानकारी मिल सके।
आने वाले समय में नगर पालिका का विकास, टैक्स और सफाई जैसे मुद्दे स्थानीय राजनीति और जनता के बीच बड़ा विषय बन सकते हैं।
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