(सोनभद्र) :आपको बता दे की खनन, वन और पुलिस विभाग के बीच सामजस्य की भारी कमी के कारण सोन और रेणुका नदी में अवैध बालू खनन तेजी पकड़ने लगा है। आधा दर्जन जगहों पर रोजाना सैकड़ों घनमीटर बालू चोरी की जा रही है। ओबरा वन प्रभाग के जुगैल और ओबरा रेंज में रात के अंधेरे में तेजी से अवैध बालू परिवहन किया जा रहा है। खनन विभाग जहां इन क्षेत्रों में कभी झांकने नहीं आता है वहीं वन और पुलिस विभाग कर्मचारियों की कमी की पारम्परिक समस्या में उलझा हुआ है। जुगैल रेंज अंतर्गत सोन नदी में चौरा, बिजौरा, गुजरी, बड़गवां, कुर्छा और छितिक पुरवा में, ओबरा वन रेंज अंतर्गत रेणुका नदी में कड़िया, गुड़ुर, खैरटिया और बर्दियां में अवैध खनन किया जा रहा है।
ग्रामीण अंचलों में सैकड़ों ग्रामीणों को आवास के लिए धन आवंटित हुआ है। जिसके कारण बालू की मांग बढ़ी है। ऐसे बहुत से आवास में अवैध बालू का प्रयोग किया जा रहा है। इसके अलावा सोन नदी में ट्रैक्टर से निकाली जा रही बालू को टीपर के माध्यम से जनपद के अन्य हिस्सों में भेजा जा रहा है।सरेआम कुछ जगहों पर बालू डंप किया जा रहा है। यही नहीं लोडिग के लिए जेसीबी मशीन का भी प्रयोग किया जा रहा है। पिछले दो माह के दौरान जुगैल पुलिस और वन विभाग द्वारा सोन नदी को जाने वाले दर्जनों कच्चे मार्गों पर गड्ढे बनवाये गए थे, लेकिन अवैध बालू खननकर्ताओं ने कई जगहों पर गड्ढे पटवा कर पुन: खनन शुरू कर दिया है। सोन नदी के तटवर्ती हिस्सों से अवैध खनन की मिल रही शिकायतों को देखते हुए बीते जनवरी और फरवरी में गड्ढा खोदो अभियान शुरू किया गया था। अब अवैध खननकर्ताओं ने अभियान की धज्जियां उड़ानी शुरू कर दी है.
✍️✍️सोनभद्र जिले से सतीश दुबे (ब्यूरो )
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